सुबह की शुरुआत बाज़ार से होती है, जहाँ दुकानें फलों को चटख पिरामिडों में सजाती हैं, रसोइए कटोरों में नूडल्स परोसते हैं, और बुनकर व नक़्क़ाश वही बेचते हैं जो उनके अपने हाथों ने तैयार किया। कस्बे के छोर के पार ज़मीन हरे खेतों, चौड़ी भूरी नदियों और ऐसे गाँवों में समतल हो जाती है जहाँ दस्तकारी हफ़्ते का हिस्सा है।
जलवायु उष्णकटिबंधीय है, मई से अक्टूबर तक बरसाती मौसम और नवंबर से मार्च तक ठंडा, सूखा दौर। एक लोकल फ्रेंड आपके आगे नहीं, आपके साथ चलता है और बताता है कि कौन-सी दुकान अपनी चीनी ख़ुद बनाती है और लंबा लंच क्यों मायने रखता है।